म्यांमार में फिर डोली धरती, 3.5 तीव्रता का भूकंप; इंडोनेशिया में 7.7 के बाद तबाही
नई दिल्ली, 16 अगस्त 2026। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में रविवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। कम तीव्रता के कारण फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
म्यांमार में आए भूकंप के बाद कुछ समय के लिए स्थानीय स्तर पर अफरातफरी की स्थिति बनी, लेकिन किसी इमारत या बुनियादी ढांचे को नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। म्यांमार पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही
इसी बीच इंडोनेशिया में शनिवार को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के फ्लोरेस क्षेत्र में आए भूकंप के बाद कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार अब तक 38 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई गई है। करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
लगातार आए आफ्टरशॉक्स
7.7 तीव्रता के मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में कई आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए। इनमें 6.1 तीव्रता का झटका भी शामिल है। भूकंप के बाद कुछ तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया।
राहत और बचाव अभियान में भूस्खलन के कारण मुश्किलें आ रही हैं। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई।
एक ही क्षेत्र में लगातार भूकंपीय गतिविधियां
फ्लोरेस क्षेत्र में पहले भी बड़े भूकंप आ चुके हैं। यह इलाका प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ से जुड़े अत्यधिक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में आता है। 1992 में इसी क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने सुनामी को जन्म दिया था और हजारों लोगों की जान गई थी।
फिलहाल म्यांमार में आए 3.5 तीव्रता के भूकंप से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, जबकि इंडोनेशिया में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। स्थिति पर स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।











